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असरुद्दीन ओवैसी की कार का कटा चालान, जुर्माना जानकर पैरो तले जमीन खिसक जाएगी।

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नमस्कार दोस्तों उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं।

यूपी सरकार पर हमला बोला हो या फिर कुछ लोगों को खुश करने के लिए का CAA-NRC की मांग करना हो,ओवैसी अपने वोटरों को लुभाने में लगे हैं। लेकिन इसी बीच जब असदुद्दीन ओवैसी महाराष्ट्र के सोलापुर पहुंचे तो पुलिस ने उनकी गाड़ी का चालान कर दिया।

दरअसल सोशल मीडिया पर सामने आये वीडियो के जरिये ये साफ़ पता चल रहा है कि सोलापुर पहुंचे ओवैसी जिस गाड़ी से उतर रहे हैं, उस गाड़ी पर नंबर प्लेट नहीं है।

 

यही वजह रही कि ओवैसी की गाड़ी का पुलिस ने चालान कर दिया। यहां आपको दें कि इस साल के अंत में और अगले साल की शुरुआत तक महाराष्ट में निकाय चुनाव होने वाले है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन महाराष्ट्र में आगामी नगर निगम चुनावों में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। इसी तैयारी का जायजा लेने के लिए ओवैसी महाराष्ट्र के सोलापुर पहुंचे थे।

हालांकि इस दौरान ओवैसी बिना नंबर प्लेट की गाड़ी से नीचे उतरते दिखे। इसके बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बाद में स्थानीय पुलिस ने 200 रूपये का चालान काट दिया।

हालांकि इस दौरान ओवैसी मास्क पहनना नही भुले। गाड़ी से उतरने से पहले ओवैसी ने अपना मास्क लिया, पहना और फिर नीचे उतरे। इसके अलावा ओवैसी ने मुंबई में एक सभा को संबोधित करने की अनुमति मांगी थी लेकिन अनुमति नहीं मिल पाई है।

 

खबरों के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने कहा, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को 27 नवंबर को मुंबई के बीकेसी में रैली करने की अनुमति नहीं दी गई है।

कोरोना वायरस, एमएमआरडीए मैदान में सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध और राज्य के कुछ जिलों में हाल ही में हुई हिंसा के मद्देनजर रैली को अनुमति नहीं दी गई है।

शहीद पैरामिलिट्री जवानों के परिवार के लिए मोदी सरकार ने ये बडा फैंसला, जानकर आप भी गर्व करेंगे।

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नमस्कार दोस्तों गृह मंत्रालय से बातचीत के बाद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के उन जवानों के परिवारों को मिलने वाली वित्तीय सहायता को इस नवंबर से बढ़ा दिया गया है, जो कार्रवाई के दौरान शहीद हुए हैं.

एक ऑफिशियल कम्युनिकेशन में कहा गया है, “गृह मंत्रालय की इच्छा है कि कार्रवाई के मामलों में मारे गए सीएपीएफ के सभी जवानों में चरणबद्ध तरीके से 35 लाख रुपये में भुगतान किया जाए.”

सूत्रों के मुताबिक, लगभग सभी बलों ने शहीदों (केवल कार्रवाई के मामलों में मारे गए) के परिजनों (Next of Kin) के लिए वित्तीय सहायता को बढ़ाकर 35 लाख रुपये करने के आदेश जारी किए हैं. यह सहायता 1 नवंबर, 2021 से लागू होगी, लेकिन अन्य सभी प्रकार की मृत्यु में वित्तीय सहायता अपरिवर्तित रहेगी.

 

बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने News18 को बताया, “यह (फंड) केवल मुठभेड़ों, गोलीबारी आदि के दौरान कार्रवाई में मारे गए जवानों के लिए है. अन्य सभी स्थितियों के लिए, राशि समान होगी या डीजी द्वारा तय की जाएगी.”

‘पहले सुरक्षाबल अपने स्तर पर रिस्क फंड तय करते, लेकिन अब यह समान है’
भुगतान में एकरूपता का निर्णय शहीदों के परिवार के सदस्यों द्वारा राशि में अंतर के बारे में चिंता व्यक्त करने के बाद किया गया. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक अधिकारी ने कहा, “बल अपनी वित्तीय योजना के अनुसार निर्णय लेते थे, लेकिन अब यह एक समान है.”

एडीजी स्तर के एक अधिकारी ने News18 को बताया कि सुरक्षाबल अपने स्तर पर रिस्क फंड तय करते थे. सबसे ज्यादा रकम सीआरपीएफ ने दी, जबकि कुछ बल रिस्क फंड से 40-50 फीसदी कम शहीद जवानों के परिवार के सदस्यों को दे रही थी. अब, सभी सीएपीएफ के लिए इसे 35 लाख रुपये कर दिया गया है.

 

पहले शहीद जवानों के परिवारों को कितनी आर्थिक मदद मिलती थी
इससे पहले, सभी अर्धसैनिक बलों में जोखिम निधि (Risk Funds) की राशि अलग-अलग थी. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में महानिदेशक द्वारा इस जोखिम कोष को 21.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया था.

इसी तरह, सीआईएसएफ (CISF) जो ज्यादातर हवाई अड्डों पर तैनात है, के पास शहीदों के परिवारों के लिए जोखिम कोष के रूप में 15 लाख रुपये थे.

तीसरी बार शादी की तैयारी कर रहे आमिर खान! उम्र जानकर चौंक जायेंगे आप।

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नमस्कार दोस्तों बॉलीवुड में मिस्टर परफेक्शनिस्ट (Mister Perfectionist) के नाम से मशहूर अभिनेता आमिर खान (Aamir Khan) रीना दत्ता और किरण राव के बाद एक बार फिर शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं.

पिछले दिनों अचानक आमिर खान और उनकी दूसरी पत्नी किरण राव ने तलाक का फैसला लेकर फैंस को चौंका दिया।

 

बॉलीवुड में मिस्टर परफेक्शनिस्ट (Mister Perfectionist) के नाम से मशहूर अभिनेता आमिर खान (Aamir Khan) रीना दत्ता और किरण राव के बाद एक बार फिर शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं.

पिछले दिनों अचानक आमिर खान और उनकी दूसरी पत्नी किरण राव ने तलाक का फैसला लेकर फैंस को चौंका दिया था. एक स्टेटमेंट जारी कर उन्होंने कहा था कि अब हम एक पति-पत्नी के तौर पर नहीं, बल्कि को-पैरंट्स और एक दूसरे के परिवार के तौर पर रहेंगे.

इसके कुछ महीनों के बाद सोशल मीडिया पर अब तेजी से चर्चा चल रही है कि आमिर खान जल्द ही तीसरी शादी करने वाले हैं और इसका ऐलान वह अपनी फिल्म लाल सिंह चड्ढा (Lal Singh Chaddha) की रिलीज के बाद करेंगे.

यह फिल्म अगले साल अप्रैल में रिलीज होगी. सोशल मीडिया पर गॉशिप को हवा देते हुए यह भी दावा किया जा रहा है कि आमिर खान किसी को स्टार के साथ शादी करेंगे.

 

आमिर खान (Aamir Khan) और किरण राव (Kiran Rao) ने जब तलाक का निर्णय लिया था, उसी दौरान आमिर के साथ फिल्म दंगल में उनकी बेटी का किरदार निभाने वाली 29 वर्षीय एक्ट्रेस फातिमा सना शेख (Fatima Sana Sheikh) ट्रोल होने लगी थीं.

आमिर खान ने पहली शादी 1987 ने रीना दत्ता से की थी. दोनों में 2002 को तलाक हो गया था.

इसके तीन साल बाद आमिर ने किरण राव से शादी कर ली थी. कुछ महीने पहले ही आमिर के दूसरी शहदी भी टूट गई. आमिर की तीन संतानें इरा खान (24), जुनैद खान, आजाद राव खान हैं.

OMG! तीन कृषि कानूनों को रद्द करने से BJP को होगा ये बडा फायदा।

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नमस्कार दोस्तों 19 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा की। अब राजनीतिक विश्लेषक इसके फायदे-नुकसान को लेकर चर्चा कर रहे है। लेकिन, इससे PM मोदी की छवि और BJP को कोई नुकसान नहीं है।

यह बात IANS-C Voter Snap Opinion Poll से निकलकर सामने आई। यह ओपिनियन पोल कृषि कानून निरस्त करने की घोषणा के कुछ घंटों बाद पूरे देश भर में किया गया था।

इस पोल में 52% से अधिक लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सही निर्णय लिया। कुछ का दावा है, कि कृषि कानून बेकार थे और उनके निरस्त करने के फैसले का निश्चित रूप से स्वागत किया।

वास्तव में, 50% से अधिक लोगों ने दावा किया कि कृषि कानून किसानों के लिए फायदेमंद थे, जबकि काफी कम 30.6% ने दावा किया कि वे फायदेमंद नहीं थे।

 

जहां 40.7% लोगों ने कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए सरकार को श्रेय दिया, वहीं लगभग 22.4% ने विपक्षी दलों को श्रेय दिया, जबकि 37% ने प्रदर्शनकारियों को श्रेय दिया।

विधानसभा चुनावों पर असर
IANS-C Voter Survey के अनुसार, कम से कम 55% लोगों का कहना है कि तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने का फैसला 2022 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों में अहम भूमिका निभाएगा।

IANS-C Voter Survey ने यह स्पष्ट किया है कि कृषि कानून और इसको लेकर होने वाली राजनीति आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 55.1% लोगों का स्पष्ट तौर पर मानना था कि इस फैसले का चुनावों पर प्रभाव पड़ेगा, जबकि केवल 30.8% का मानना है कि चुनावों में इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

 

 

विरोध राजनीति से प्रेरित
सड़कों की साल भर की नाकेबंदी को भी कृषि कानूनों की व्यापक अलोकप्रियता की वजह बताया गया। भारत भर में IANS-C Voter Survey द्वारा मिले तथ्य और डेटा के मुताबिक, 50% से अधिक उत्तरदाताओं का स्पष्ट बहुमत था कि कृषि कानून किसानों के लिए फायदेमंद थे। इसके विपरीत, केवल 30 प्रतिशत को लगता है कि वे फायदेमंद नहीं हैं।

यह कोई नहीं जानता कि राजनीतिक माहौल को देखते हुए कृषि कानून फिर से पेश किया जाएगा या नहीं, लेकिन तथ्य यह है कि इस तरह के कदमों को लोगों का समर्थन है। उत्तरदाताओं में 56.7% लोगों की राय थी, कि राजनीतिक मकसद के कारण इन कानूनों का विरोध किया गया।

786 सीरीज का कोई भी नोट है आपके पास? तो मिलेंगे 3 लाख रुपये, जानें कैसे होगी कमाई

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अगर आप भी जॉब के साथ या फिर घर बैठे बिना मेहनत किए पैसे कमाना (Earn Money Idea) चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए खास है. आज आपके लिए हम ऐसा ही एक तरीका ढूंढ कर लाए हैं जिससे आप बिना मेहनत किए मिनटों में लखपति (Earn Money) बन सकते हैं.

अगर आपके पास भी 786 नंबर वाला कोई 1, 5,10, 20, 50 या 100 या 2000 रुपये जैसे नोट हैं तो आप घर बैठे रातों रात लखपति बन सकते हैं. आइए जानते हैं कि कैसे आप इन नोटों के कलेक्शन से जबरदस्त कमाई (Business Idea) कर सकते हैं.

786 नंबर में क्या है खास?
धर्म और डेस्टिनी में भरोसा रखने वाले लोगों की कमी नहीं है. दूसरी तरफ एंटिक चीजों को सहेजने वाले भी बहुत सारे लोग हैं. इस्लाम में 786 अंक का बहुत बड़ा महत्व है और मुस्लिम आबादी इसे बहुत पवित्र मानती है.

हालांकि, 786 को लेकर अलग-अलग धर्म विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है. 786 नंबर को सिर्फ मुस्लिम ही नहीं सभी जाती-समुदाय के लोग लकी मानते हैं.

इसलिए लोग इस नंबर की हर चीज को सम्हाल कर रखते हैं. ऐसे में, अगर आपके पास भी यह खास नंबर 786 वाला नोट है तो आप भी घर बैठे आसानी से लखपति बन सकते हैं. Ebay की वेबसाइट पर रजिस्टर कर आप इस नंबर वाले नोट जैसे- 5, 10, 20, 50, 100, 200, 500, 2000 रुपये के नोट बेच सकते हैं.

इसके लिए आपको कही जाने की जरूरत नहीं है. आप अपने घर में बैठे-बैठे आसानी से इस नोट को बेच कसते हैं. और इतना ही नहीं, इससे अच्छा मुनाफा भी कमा सकते हैं.

जानिए कितनी होगी कमाई?

इन एंटिक नोट की कमाई कर आप बढ़िया मुनाफा काम सकते हैं. Ebay वेबसाइट पर ऐसे चुनिंदा नोटों का ऑक्शन होता है. यहां आप आपके नोट की बोली लगाई जाएगी. इसके बाद, आप मोल-भाव कर सकते हैं. सबसे खास बात कि इस बोली में कोई भी हिस्सा ले सकता है.

ऐसे में, आप भी अपने खास सीरीज 786 वाले नोट को यहां अच्छी कीमत पर बेच सकते हैं. अगर अब तक की कीमत पर नजर डालें तो इस तरह के नोट के लिए अब तक 3 लाख रुपये तक की बोली लगाई जा चुकी है.

यूपी में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर गंभीर हुए सीएम योगी, अधिकारियों को दिए ये निर्देश

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बढ़ते वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद यूपी में उच्च स्तरीय बैठक की गई। बैठक सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को वायु प्रदूषण रोकने के रोकने के लिए निर्देश दिए।

सीएम योगी ने एनसीआर में प्रदूषण को रोकने के लिए योजनाबद्ध प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पराली न जलाने के लिए किसानों से संपर्क करें।

उच्च स्तरीय बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि वो लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्याहित करें।

इसके साथ ही पराली न जलाने के लिए किसानों से संपर्क करें। जिससे कि इस बड़ी समस्या पर शीघ्र ही अंकुश लग सके।

इतना ही नहीं, बैठक में सीएम योगी ने सभी जिलों में जिला कृषि अधिकारियों को किसानों के साथ लगातार सम्पर्क में रहने का भी निर्देश दिया है।

सीएम योगी ने बैठक में जीका वायरस को लेकर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने जीका वायरस से बीमार लोगों के परीक्षण, अनुरेखण और उपचार पर जोर दिया।

बैठक में सीएम योगी को बताया गया कि प्रदेश में जीका वायरस सकारात्मकता दर में लगातार गिरावट आई है

पिछले 24 घंटों में कोई नया मामला सामने नहीं आया। कन्नौज और कानपुर जिलों की स्थिति में सुधार हुआ है।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा है कि कुछ जिलों में डेंगू परीक्षण के लिए पैथोलॉजी केंद्रों द्वारा मनमाने ढंग से वसूली की सूचना मिल रही है। इस पर अधिकारी ध्यान दें।

वे ऐसे मामलों पर कड़ाई बरतें। हर किसी की एक समान दर पर जांच की जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा है कि पैथोलॉजी सेंटर्स का औचक निरीक्षण भी किया जाए। मनमाने तरीके से वसूली या उत्पीड़न की शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लें।

सलमान खान इस वजह से विक्की-कैटरीना की शादी में नहीं होंगे शामिल! जानें पूरा मामला

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बॉलीवुड एक्टर विक्की कौशल (Vicky Kaushal) और कैटरीना कैफ (Katrina Kaif) की शादी की खबरें इन-दिनों जोरो पर हैं.

रिपोर्ट्स की मानें तो 7 या 8 दिसंबर को दोनों राजस्थान के मशहूर फोर्ट में रॉयल वेडिंग करने जा रहे हैं. शादी की वेन्यू से लेकर आउटफिट तक सब कुछ डिसाइड हो चुका है.

शादी को लेकर स्टार होटल ताज और द ओबेरॉय को बुक कर लिया गया है. वहीं 40 40 लग्जरी गाड़ियों की डिमांड की गई है. इस रॉयल वेडिंग के लिए गेस्ट लिस्ट भी तैयार हो चुका है.

दोनों की शादी में कई बॉलीवुड सेलेब्स हिस्सा लेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कहा जा रहा है कि सलमान खान कैटरीना कैफ की शादी में शरीक नहीं होने वाले हैं.

इसकी वजह और कोई नहीं बल्कि कबीर खान (Kabir Khan) और मिनी माथुर (Mini Mathur) है.

एक ओर जहां कैटरीना कैफ कबीर खान को अपना फैमिली मानती है. सूत्रों की मानें तो दिवाली के मौके पर कबीर खान के घर पर ही विक्की कौशल और कैटरीना कैफ का रोका हुआ था.

कैट उन्हें अपना भाई मानती हैं. वहीं दूसरी तरफ फिल्म ट्यूबलाइट के दौरान सलमान खान और कबीर खान के बीच कुछ बातों को लेकर अनबन हो गई थी, जिसके बाद से दोनों एक दूसरे से बात भी नहीं करते हैं.

वहीं सलमान खान के शामिल नहीं होने की दूसरी वजह ये भी है कि दिसबंर के महीनें में उनके कई सारे काम भी है. सलमान खान शाहरुख खान के साथ पठान की शूटिंग कर रहे थे.

लेकिन बीच में आर्यन खान मामले की वजह से शूटिंग रुक गई थी. अब एक बार फिर से फिल्मों की शूटिंग शुरू हो रही है.

ऐसे में मेकर्स शाहरुख खान और सलमान खान के हिस्सों की शूटिंग पूरी करना चाह रहे हैं. ये सभी डेट कैट की शादी के आसपास ही मानी जा रही है.

यूपी के इन चर्चित बाहुबलियों पर एक्शन ले चुके हैं योगी आदित्यनाथ

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यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की बीजेपी (BJP) सरकार को अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और मायावती (Mayawati) की बसपा (BSP) से कड़ी टक्कर मिलने की बात कही जा रही है।

पिछले साढ़े चार के कार्यकाल में योगी सरकार ने यूपी के कई बाहुबलियों पर कार्रवाई की है। आइए डालें इन्हीं में से सात चर्चित नामों पर एक नजर:

मुख्तार अंसारी
मऊ से बसपा विधायक मुख्तार अंसारी बांदा की जेल में हैं। मुख्तार पर योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की संपत्ति जब्त की है। अब तक मुख्तार गैंग के 158 अपराधी हुए गिरफ्तार, 122 असलहों के लाइसेंस हुए निरस्त,110 अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर,30 के खिलाफ गुंडा एक्ट व 6 पर NSA की कार्रवाई की जा चुकी है।

अतीक अहमद
फूलपुर से लोकसभा सांसद रहे अतीक अहमद पर भी योगी सरकार की डंडा चला है। योगी सरकार के आंकड़ों के मुताबिक अतीक गैंग के 60 सदस्यों के असलहे निरस्त,गैंग के खिलाफ 21 मुकदमे दर्ज कर 9 को भेजा जेल,11 के खिलाफ गुंडा एक्ट,व 1 के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है।

मोहम्मद अशरफ़
अतीक अहमद के भाई और पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ मोहम्मद अशरफ़ की इलाहाबाद में करीब 25 करोड़ रुपए की भूमि तथा शहर के कसारी मसारी में 2.25 करोड़ रुपए की कीमत की 11 बिस्वा जमीन की कुर्की की जा चुकी है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित माफिया सुंदर भाटी गैंग के 9 सदस्यों पर की गई कार्रवाई में 63 करोड़ 24 लाख 53 हजार की संपत्ति ध्वस्त/जब्त की जा चुकी है। गैंग के 4 शस्त्र लाइसेंस निरस्त,3 को भेजा गया जेल,व 2 के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है।

भदोही से बाहुबली विधायक विजय मिश्रा भी सलाखों के पीछे हैं। उनकी भी कई संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।

कंगना रनौत के फिर बिगड़े बोल, गांधी को बताया सत्ता का भूखा

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कंगना रनौत ने एक बार फिर से महात्मा गांधी के खिलाफ विवादित बयान दिया है। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर लंबे मेसेज पोस्ट किए हैं। पोस्ट में महात्मा गांधी पर निशाना साधा है।

पहले मेसेज में कंगना ने उन्हें सत्ता का भूखा और चालाक बताया है वहीं दूसरे पोस्ट में लिखा है कि गांधी जी चाहते थे कि भगत सिंह को फांसी हो जाए।

कंगना ने लोगों को सलाह दी है कि वह अपने हीरो समझदारी से चुनें। उन्होंने यह भी लिखा है कि झापड़ मारने वाले के सामने दूसरा गाल आगे करने से आजादी नहीं मिलती।

कंगना ने बताया सत्ता का भूखा और चालाक
कंगना रनौत के पिछले बयान पर बवाल अभी थमा नहीं इस बीच उन्होंने कुछ और आपत्तिजनक पोस्ट कर दिए हैं। कंगना ने लिखा है, जो लोग स्वतंत्रता के लिए लड़े उन्हें उन लोगों ने अपने मालिकों को सौंप दिया जिनमें हिम्मत नहीं था न ही खून में उबाल। वे सत्ता के भूखे और चालाक थे….

ये वही थे जिन्होंने हमें सिखाया अगर कोई तुम्हें थप्पड़ मारे तो उसके आगे एक और झापड़ के लिए दूसरा गाल कर दो और इस तरह तुमको आजादी मिल जाएगी… ऐसे किसी को आजादी नहीं मिलती सिर्फ भीख मिलती है। अपने हीरो समझदारी से चुनें।

लोगों को पता होना चाहिए इतिहास
कंगना ने दूसरे पोस्ट में लिखा है, गांधी ने कभी भगत सिंह और नेताजी को सपोर्ट नहीं किया। कई सबूत हैं जो इशारा करते हैं कि गांधीजी चाहते थे कि भगत सिंह को फांसी हो जाए।

इसलिए आपको चुनना है कि आप किसे सपोर्ट करते हैं। क्योंकि उन सबको अपनी याद के एक ही बॉक्स में रख लेना और उनकी जयंती पर याद कर लेना काफी नहीं सच कहें तो मूर्खता नहीं बल्कि गैरजिम्मेदाराना और सतही है। लोगों को अपना इतिहास और अपने हीरो पता होने चाहिए।

आजादी पर दिए बयान पर चल रहा बवाल
बीते दिनों टाइम्स नाऊ सम्मिट में कंगना रनौत ने बयान दिया था कि देश को असली आजादी 2014 में मिली है। इससे पहले स्वाधीनता गांधीजी को कटोरे में भीख में मिली थी। उन्होंने कांग्रेस को ब्रिटिश शासन के आगे का रूप बताया था।

UP में अखिलेश और मायावती को जोरदार झटका! साइकिल-हाथी छोड़कर BJP में शामिल होंगे 10 MLC

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यूपी में विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) का घमासान अब अपने चरम पर आ गया है। पार्टियां लगातार एक दूसरे के खेमें में घुसपैठ में लगी हैं। लेकिन इस बार योगी की भाजपा सरकार को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है।

भाजपा ने अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और मायावती (Mayawati) को जोरदार झटका दिया है। खबरों के अनुसार, सपा और बसपा के 10 MLC कल भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं। जिसके बाद से इन दोनों ही पार्टियों में हलचल मच गई है।

इनकी रही प्रमुख भूमिका
UP Vidhan Sabha Chunav 2022: जानकारी सामने आया है कि, समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के दिग्गज रविशंकर सिंह पप्पू, सीपी चंद, अक्षय प्रसाद सिंह समेत कई नेता और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के दिग्गज बृजेश कुमार सिंह समेत कई नेता अब कमल का फूल खिलाएंगे।

जानकारी के अनुसार, बसपा और सपा के इन नेताओं को भाजपा में शामिल करने की मुख्य भूमिका डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा और BJP के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने निभाई है। इन्हीं के प्रयासों से दोनों पार्टियों के ये नेता हाथी और साइकिल को छोड़कर अब कमल का फूल थामेंगे।

पहले भी कई बार हुआ ऐसा
UP Vidhan Sabha Chunav 2022: राजनीति में एक दूसरे के पाले में घुसपैठ करना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी कई बार ऐसा हुआ है। जब भी चुनाव आते हैं तो सभी पार्टियां विपक्षियों को तोड़ने का प्रयास करती है।